निजराणो | Nijrano

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Book Image : निजराणो - Nijrano
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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आज अणचितारघां अणगवबुलाई, अणचीती सी अलेखू बारदौड़-दौड़ भाऊं थारे दुवार तो ई नीं अछेही आस पूरे नी सवाई साध पूरंरेम्हार। कान्ट्‌ कांमणगारा !पण वैलापैलअचपढ्टा कान्ह कंवर !य्‌ म्हारो अवोट पुणचो पकड़ सुरंगी जमनां रे कांठेउण कदव रूख र पसवाडेम्हारं नैणामे टुग-टुग जोवण छागो, थार कोडीले हाथ रोनिवायो परसम्हारी ररमझणकारां रा झाला मारण लागो रगत नाडियां मेंजाए पाछो जमग्यो,आखे पंथ, आखे मारग,पगा में भाखर रो भार लिया घणी दोरी चाहीआज थारे-म्हारे परसेवा मे कोई भेद कोनी, माट कोनी, थने म्हारी पलकां सूं वाव दुढाऊं तो म्हारों पसीनो तो आप ई सूख जावे पण पैलापैल ~ ~ देम है उनमानশশাनिजराणो 15




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