भारत का भाषा - सर्वेक्षण | Bharat Ka Bhasha Sarvekshan

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Bharat Ka Bhasha Sarvekshan  by सर जार्ज अब्राहम प्रियसंस - Sar Jarja Abraham Priyasans

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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वर्मी समूह १५४ स्जि, लशि, महू १५५, मैगूथ, फुन्‌, म्रू, वर्ती १५६, अराकानी, ताम्यो, दनु, इःथ, तवोयन, चौथ, यन्वे १५७ लोलो मोसो समूह्‌ १५८ लोटो, अ-हि, अ-क, अ-की, लिसु, लिस्‌ अव, मो-सो, कटु, क्वि १५९ अध्याय ७ द्रविड परिवार १६०-१८३ द्रविड जाति १६० अन्य भाषाओं से सम्बन्ध १६१ स्थान १६२ द्रविट्‌ भाषाओं का पारस्परिक सम्बन्ध १६३ द्रविड भाषाओं की सामान्य विशेषताएं १६५ तमिल १६६ लिपि, साहित्य १६८ मलयालम १६९ कन्नड़ १७० लिपि १७१ कन्नड साहित्य १७१, बोलियाँ १७२, कोडगु, बेल्लर, तोडा, कोट १७३, मध्यवर्ती समूह १७४, गोन्डी १७४, ओझी १७५, कोलामी १७६, वासिम की बोली १७६, नेकी, कन्धी १७३, कुरुख, वेगं-ओराओं १७८, होरो- लिआ झगर, मल्हर, मालतों १३७“, आन्ध्रभाषा, तेलग ५ १८ = साहित्य १८०, कोमटाड़, साले-वारी, गोलरी, वे रडी १८१, वडारी, कामाथी, दासरी, लघांडी तथा मरिआब्राहुई १८२ अध्याय ८ भारोपीय परिवार आयेशाखा १८४-१९७ मूलस्थान १८४ कतम (केष्टुम्‌) तथा शतम्‌ (सतेम) भाषा-भाषी १८५ आयं शब्द का अथं १८६ आर्यो का संचरण १८७ मंडा समह्‌ १८८ मंडा लोगों के उद्गम के सम्बन्ध में अन्य सिद्धान्त १९० एशियाई उद्गम सम्बन्धी सिद्धान्त १९१ साइबेरीय उद्गम सम्बन्धी सिद्धान्त १९२ मंडा प्रदेश से आरयों का प्रसार १९३ भारतीय आये तथा ईरानी १९४ दर्दीय १९५, गल्च: १९६, अध्याय ९ ईरानी शाखा १९८-२०९ ईरानी भाषा की লামা १९८ पतसिक और मिडियायी भाषाएँ १९८ पसिक पुरानी फारसी १९९ मध्य फारसी २०० मिडीय भाषा २०१ अफगानी बची उपशाखा २०६




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