वार्षिक रिपोर्ट १९९४-९५ | Varshik Report 1994-95
श्रेणी : शिक्षा / Education

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
9 MB
कुल पष्ठ :
259
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)५ णन 'र्कासशाल देशा
7 उंक्षक कार्यकर्ताओं
के लए संबद्ध कायक्रमों
पथा कायंशालाओं मे
भागीदारी के माध्यम से
गशिक्षण सविधाएँ प्रदान
करती रही है।राष्ट्रीय पादयचर्या का
ढाँचा परिषव् के तथा
राज्यों और सघ-शासित
क्षेत्रों के शिक्षा विभागों के
दीर्घकालिक ओर
अल्पकालिक शैक्षिक
कार्यक्रमों के विकास के
लिए एक महत्वपूर्ण
मार्गदर्शक का काम करताहे ।
(9। . न 7 लहरराशै.अ.प्र. परिषद् विशिष्ट शैक्षिक समस्याओं के अध्ययन तथा विकासशील
देशों के कार्मिकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की व्यवस्था करने के लिए
यूनेस्को, यूनिसेफु, यूएन.डी.पी. और यूएन.एफ.पी.ए. जैसे अंतर्राष्ट्रीय
संगठनों के साथ मिलकर कार्य करती है। यह ए.पी.ई.आई.डी. (यूनेस्को)
के सहयोगी केन्द्रों में से एक है। यह शैक्षिक नवाचार हेतु राष्ट्रीय विकास
दल (एन.डी.जी.) के सचिवालय के रूप में कार्य करती है। परिषद्
विकासशील देशों के शैक्षिक कार्यकर्ताओं के लिए संबद्ध कार्यक्रमों तथा
कार्यशालाओं में भागीदारी के माध्यम से प्रशिक्षण सुविधाएँ प्रदान करती
रही है।परिषद्, विद्यालयी शिक्षा तथा अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में भारत सरकार
तथा अन्य राष्ट्रों के बीच तय किए गए द्विपक्षीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान
कार्यक्रमों को कार्यान्वित करने के लिए मुख्य संगठन के रूप में कार्य
करती है। इस संबंध में परिषद् भारतीय आवश्यकताओं से संबद्ध विशिष्ट
शैक्षिक समस्याओं का अध्ययन करने के लिए अन्य देशों में अपने
प्रतिनिधिमंडल भेजती है तथा अन्य देशों के विद्वानों के लिए प्रशिक्षण एवं
अध्ययन दोनों की व्यवस्था करती है। अन्य देशों से शैक्षिक सामग्री का
आदान-प्रदान भी किया जाता है। अनुरोध करने पर परिषद् अंतर्राष्ट्रीय
सम्मेलनों, संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, बैठकों, परिसंवादों आदि में भाग लेने
के लिए अपने संकाय सदस्यों को भेजती हैं।कार्यक्रमो के निरूपण की पद्धतिप् रिषद् अपने कार्यक्रमों के निरूपण मेँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति केप्रावधानों, मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सलाह तथा राज्यों
ओर संघ-शासित क्षेत्रो की शैक्षिक आवश्यकताओं, सामाजिकं सरोकारों के
प्रति संकाय के विचारों से तथा दुनिया का परिवेर्तनशील परिदृश्य जिस सीमा
तकं भारतीय विद्यालयी शिक्षा प्रणाली को प्रभावित करता हे उस सीमा तक
उस परिदृश्य के बारे में संकाय के आकलन से संचालित होती है । इन बातों
को ध्यान में रखकर परिषद् ने एक राष्ट्रीय पाठयचर्या का ढाँचा विकसित
किया है। राष्ट्रीय पाठयचर्या का ढाँचा परिषद् के तथा राज्यों और संघ-
शासित क्षेत्रों के शिक्षा विभागों के दीर्घकालिक और अल्पकालिक शैक्षिक
कार्यक्रमों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक का काम करता है।
परिषद् के कार्यक्रमो के निरूपण, क्रियान्वयन और अनुवीक्षण की कार्य
प्रणाली की प्रमुख विशेषताएँ आगे के चार्ट में दिखाई गई हैं|
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