श्री आत्मानंद जैन शिक्षावली भाग - 1 | Shri Atmanand Jain Shokshavli Bhag - 1
श्रेणी : धार्मिक / Religious

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
4 MB
कुल पष्ठ :
386
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)# थी चीतरायाय नम ও
श्री आत्मानन्दर जन शिक्षावली
पहिला भाग
=
नीति बोध विभाग
नाट्य
{१1
ह
देव दर्शन ।
मन्दिर, दरोन ।
ग्रालर--पिता जी | झाप फटा जा रद्द हैं
प्रिवा--मैं मन्दिर সী में जा रहा हू ।
श०--आप वद्दा किस लिये आा रहे है ?
पि०--म यह रशीय फरने के लिये जा रहा हू ।
भा०--आप फिसक दर्शन करन के लिये जा रद्द दे ?
मि०--पद में तुझे वद्दा यनाऊुगा |
गा०--सों पिता ज्ञी क्या आप मुझे यद्दा ले भाओोगे ?
पि००-दवा | ज्यों नही | यति तू आव तो तुझे रोज़ ऐे जाया परुगा।
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