बुनियादी शिक्षा | Buniyadi Sixa

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Add Infomation AboutMohandas Karamchand Gandhi ( Mahatma Gandhi )
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
4 MB
कुल पष्ठ :
196
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)१३जाहिर करे। माध्यमिक शिक्षाको मंने प्राथमिक शिक्षामे शामिलकर लिया हूं, क्योकि प्राथमिक कही जानेवारी शिक्षा हमारेगाँवोके बहुत ही थोडे छोगोको मयस्सर होती है। . मुल्य
प्रइबके हल होते ही कॉलेजकी शिक्षाका गौण प्रद भी हरहो जायगा।” (पृ० ७९)१९३७ में जिस तरह मर्यादित किये हुओ कामका जब १९४७ में
फिरसे हिसाव छगाया ग्रया, तब अन्होने मनृष्यकी आजीवन शिक्षाका
पूरा नकशा बनाया और यह वताया कि वसम बुनियादी शिक्षा
किस, तरह केन्द्रीम़ सूयंके समान है। जुन्होने यह भी स्पष्ट कहा
है कि यदि सचमुच जिसे अंसा स्यान दिया जा सके, तो जिसमें
आगेके कामकी समस्याका हक भी छिपा हुंआ हैं। और वे यह
वताकर चरे गये कि अव यह काम दशको करना है।यह् पुस्तक भिस लम्बी कथाको सुन्दर ठगसे पेश करती है ।
যী লী আদি प्रकरण, जब वे लिखे जा रहे थे तव, 'हरिजन' में
पढे थे । परतु बुनको पुस्तकके रूपमें भ्रेक साथ देखनेसे जो चित्र खडा
हुआ, वह तब दृष्टिगोचर नहीं हुआ था । यह भी मालूम हुआ कि
गधीजीको भिस विषयमे जो कुछ कहना था, वह सव जिसमे स्पष्ट
सपमे जा गया ह ! अत सपादन करते समय जो चित्र मेरे सामने
खडा हुआ, भूसे विस्तारे मेने यहाँ दे दिया ह । म मानता हं कि
जिससे पाठकको वृनियादी शिक्षाके प्रयोगकौ दस्र वषैकी विचार
यात्राका कुछ नकशा भी मिल जायगा ।७-८-५० मगनभामी देतामौ
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