ग्रामोद्योग और उनकी शब्दावली | Gramodyog Aur Unaki Shabdavali

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutHarihar Prasad Gupta
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
21 MB
कुल पष्ठ :
278
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about हरिहर प्रसाद गुप्त - Harihar Prasad Gupta
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)(श्ट )६--गृहोद्योग ( श्र ) पुरुषों से संबंधित
सुतली कातना, १४५ । रस्सी बनाना, १४५-१४८ । चारपाई बुननाः
3४८-१४९ । कोश्रा बुनना, १४९-१५० । खाँचा-खाँची बनना,
१५०- १५१ । गोनरी बुनना, १५१ ।
गृहोद्योग ( आ ) स्त्रियों से संबंधितमिट्टी के सामान जनाना) १५१-१५६ । सूत कातना, १५३-१७५७ |
जोति पीसना, १५५-१५७ । चाकी-चकरी दरना, १७५७। दान
भू जना; ११७-१७५५९ | सीना~पिरोना, १५९ । पखा बुनना, १५९
१६० । मूज के सामान बनाना, १६०-१९६१ |खणड २शब्दानुक्रमणका- उ्युत्पत्ति सहित, १६५-२६० ।
सहायक अंथ सूची २६१ ।৩৫৩৩৪১৬ হি৪৩০১৭संक्तेप-सू ची
সী ন.০
ग्रव्यय पुं०
अद्ध मागधी कोप प्रा
सपशर श प्रे
अनुकरग्णु त्मक पर; 9
अरबी प्र०
अल्याथक रूप मुः०
कनाड़ी ये ०
कहावत 4०
क्रिया লও ও
क्रिया विशेषण सं०
तुनना कीजिए গু
तुरी পা
देशिए ह°
नेपाली डिक्शनरी कैप्राकृत««« प्रेरणाथ के रूप„. फारसीকার मर दीब्युत्पत्ति कोश
--* মুহানহা,० यागिकव विशेषण
,., वेदिक संस्कृत
त सस्रत,.. सकमेक
रै লী লিলা«हिन्दी
कल्पना त्मक रूप
User Reviews
No Reviews | Add Yours...