जैनागम सूक्ति सुधा [भाग १] | Jainagama Sukti Sudha [Part 1]

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Jainagama Sukti Sudha [Part 1] by अज्ञात - Unknown

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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षृष्ठ संख्या १४२ १४३ १४३ १४३ * १४३ ४ ২৮৬ १४५ १४५ १४५ १४७ १४८ १५४ १५४ १६० १६५ १६६ १६६ १६७ १६८ १७१ १७१ १७३ पक्ति सख्या १७० च २७ २७ १५ रर १० २४ २१ १८ ५ २४ २४ २७ श्र সর্ট अशुद्ध घन ध्यान पायरेंदा एगत चंज्झ्िज्ज जायस्स रीतो आत्तिध्यान शाच्छिज्जा भावनाओ से अप्पग अणुक्कसरई अंसक्ति समाहिपत्त অন্‌ सजमे अपनी हरिम पडिसंलणे श्राद्धावान्‌ मोहाबी रयं कम्भेहि सया शुद्ध धर्म ध्यान और शक्ल ভ্যান मर्यादा एमंते बुज्िज्ज लोयस्स येषि आर््तध्यान आर रौद्र ध्यान गच््छिज्मा भावनाओं से सेद्रुररङ अप्पमें अणुक्कसाई आसक्ति समाहि पते বত सजमे सपने हिरिम पडिसंखीणे श्रद्धावान्‌ महाजी रय कर्म्मोहि ` सया `




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