लोकभारती प्रकाशन | Lokbharti Prakashan
श्रेणी : इतिहास / History

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
8 MB
कुल पष्ठ :
202
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)५ । ५, 5. व्ही
मंत्रपाठ के पश्चात् भल्ल धरती -पर लेटकर माथा टेककार प्रणाम `1 রদ
संयोग के कारण, पानीका कृतज्ञता से प्रियूर्ण हो उल्ताहे। प्रवीणा ताली
बजाकर कहने लगी, | मैंने कहा थीं ने । झैँने कहां थी ने ¶क अपने दल-बल के साथ वुध्व जाना चाहता है)
टल् उस को यना करता है श दिया, ' अभी पत्थर
सकलां बस्द क दोअ पशुओं कों में ले जाओ ४वर्षा के कारण दो दिनों से पशु नहींलगभग एक सौ गाय और क्िज्ञ-भिन्न जाति के भेड़ों को बाहर है
निकाला गया । वीस-पच्चीस पुष उनके साथ चल दिये । सबके पास1 त
थोड़ी ही दूरी पर तदी के पार पर्याप्त स्थान से घासवन फैला हुआ `
हे इसी चासवन के कारण चुमक्कडं भनुष्यों का यह कबीलां स्थायी तौरकी समाप्ति की ही कोई संभावना नहीं है সা: की छाती तर्कं
ऊँची इस घास में एक प्रकार के बीज पैदा होते हैं । बीज धरती पर क्षः
ॐ भोर उनसे तौ चास অল বা । द ~
- लेकिन इस घास में विपत्ति भौ है । उसमें अनेकानेक विषधर सर्र
सृप छि रहते हैं। उन्हें खोज-खोजकर मारता पड़ता है लंबे सा
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