किरण - वीणा | Kiran Veena
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
1 MB
कुल पष्ठ :
240
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)नवोन्मेष
पिर किशार क्वारे स्वप्नो का
क्चनारी सौन्दय वरमता--
दवि मुकुलित कर अतर \
पिम वसत के सूर्य स्पश से
दहक उठा किर प्राणा का वन,
अनिर्वाप्य इच्छा का पावक
सोया था आमा मे गोपन,--
उमड़ सिन्धु-आनद छोटता
जीवन के चरणा पर!
कौन शबित यह मेरे भीतर
शखो की सी नादित पर्वत
लोक जागरण वी बेला म
चघांपित करती जीवन जभिमत २
छो, इद्रिय माणिक मदिर का
खुला स्वगें तक स्फाटिक तोरण,
जपते देवदूत यत
मे भर हीरकं स्पदन 1
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