छायावादी काव्य की भाषिक संवेदना | Chhatyawadi Kavya Ki Bhasik Samvedana

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
88 MB
कुल पष्ठ :
317
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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उगती है।काव्या स्थ प र के दौ संघटक तत्व रै शब्द बर्
वथ । उन्होने शब्दाय के साहित्य कौ काव्यास्वाद का जनक कहा ।
उका यह सत्र सरतमुस्ति के इस सूत्र पर आधारित है-
` विमाकतूमाव व्याभनारि संयमा द्रव निष्पदः ˆ 1का-वरास्तर को प्राचीनतम सिद्धान्त है कंकार- सिद्ध
यथपि इसके प मरतमुनि का ˆ ख~ पदान्त पणणं प्रबहन प्जिसका आज न~ ग्रन्थ नाट्यशास्त्र हे ! परकै काच्थरति न्मनदत রাस्त्र , अध्यय ६9 ~ ७९
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