बुनियादी अध्यापकों के लिये | Buniyadi Adhyapako Ke Liye

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Buniyadi Adhyapako Ke Liye by डॉ. सलामतुल्ला - Dr. Salam Tulla

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about डॉ. सलामतुल्ला - Dr. Salam Tulla

Add Infomation About. Dr. Salam Tulla

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
बुनियादी तालीम और प्रध्यापक द पिम वमर का क्ञाम उठाकर सच्चो फो भिन्न भिन्न भिक महत्ता फा क्षान फस सक्ते दै श्रीर्‌ उनङे मन मे उन काम- धन्पा फरमेयालों के प्रति आदर और सत्कार की भावना मार सफते हैं। (5) अध्यापक और पालक-मान लीजिए कि आप सामाजिक जीपन का भच्छा त्ञान रखते हैं, मिलनसार हैं श्रोर लागों के बच्चों फे साथ भण्दे रायध पैदा वर सकते हैं परम्तु आपके मन में पच्चों के लिये प्रेम नद्दी ऐ, हो आए अध्यापक फे प्सेब्यों छा पालन न फर सेंगे। इस भारे में झापडो अपने आए से ये प्रश्न पूछमे चाहिये कि कया में बच्चों के मनो (जन और बार्य-कलाएं का चप्यरयन मन सगाफर वरता हूं! कया दस्ये मुझ से इतने दिल-मिज्ञ गये हैं दि व मुझे बिना किसार अपने गनेरैशन में सम्मिलित कर लेते हैं ? पया में दच्चों पा जतना ही भादर करता हूँ शितना कि झरने यरापए নানী ধা? দবা মী पष्पों को बटठिनाइयों ओर समस्याक्रों दो ध्यान से मुनता हूँ छोर हस्दें सब्पे हृदय से दृए बरने छा यरन फरता हैँ ? फ्या मुझ में इतना पर्य हे में बच्दों ढो इन्नवि धीमी होने पर भी झाशा नही ऐोहदा ? दया में सर दइुपों से एड-सा ष्यश्दार करवा हूं चीर धर्म, या रात, रगरूप ओर संरति झाद %। देख कर सिसो का परत तो मही बरता | वया मैं सद दष्दों छो सस्वृति, सम्पता छए मातू- মাহা কা আহ बरता हैं! ऋथात्‌ इन दो गानने रख घर रिहा ইলা हैं। ये दे प्रस्न हैं जिन दा इतर ददि आर বাই লক हैं को श्रार नि.मरे८ दर्थ दे ऋष्पार दनने के योग्य टैं, ऋन्ददा नहीं। बच्चों সনাতন अरोए बरप-दणारे का निरोक्षण इरने से अर नर शमम, दरण ओर কলা के दारे में टोप् टौइ पैशरा ধম ই) যে ই তক घद्ा छाम एइ दोदा ভি কিং কী হী ~~




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now