श्री माधवनल कामकलंदा | Shri Madhavanal Kamakalanda

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
21 MB
कुल पष्ठ :
214
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)राजां+- महाराज अब अभिनय देखियेकि ऐसा সাঘন জা
जताई कभ्भीदेशा तो क्या परंतु सुनाभी नहोगा.
धो*-हां इध्वीनाथ सत्यद् (यह कहकर मन हँस)
(पदी शप) धन्यै परमेश्वर तेरी महिमाकी इन
मू्खोकी यह अभिमान.
(कामकंद्ला माधवनलकी ओरदखकर गातीहे)
„. , रागनर
कहे को चंद बदनकी शो भा
जाको देरबतनगर नारिकेसहजहितेमनली भा
मनहूँचंद्रआकाशछाहिके भूमिडवनकी आये
নদ कारणअपनोरूपछिपायों
कसानकााक्षबाणसे अलक भ्रमर घु घरोरे
दूरवतेरवनयेधतरैमनकोक्चनष्िसकनधिचार
৬ धर्म रक्षक यह क्या रागहे .
বাজী লক, ेल् |
विंदृ७-दीरद्याल मदती-नवद्शधघद शिरपरधर झरपट बैंसफ
জানাই क्या यहभी अववौसपर चंढेगी अर तरस
दस्मों कहा करता है इसने तो एककला भी नहींकी यह
कैसा नट उछलहे न कूद है कुश्तीहे न कठाहे इसमेंन
टका एक छक्षणभो नहीं पाया जाता.
राजा« - नहीं नहीं आप क्या समझे बह नटरागका नामहे
विष्टर तै कख चिता नरी भव हमार सव संदेह जागरहा पः
“परंतु रागका नाम नर किसी नठखरने रकराहे अच्छा
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