भारतवर्ष के लिए उद्योगपतियों की आर्थिक योजना | Bharatvarsh Ke Liye Udhyogpatiyon Ki Aarthik Yojana

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
4 MB
कुल पष्ठ :
62
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)१२ उद्योगपतियां की श्रार्थिक योजनाहैविशिष्ट-चिकित्सालय प १६ १२.५जोड़ २८१ १८५.०रहन-सहन के दजं का पाँचवाँ अ्रग शिक्षा दे। योजना-निर्माताश्रों ने
प्रारम्भिक एवं प्रौढ शिक्षा के लिये उचित प्रबध करने की सलाह दी है जिससे
कि सब को कम से कम लिखना-पढना आ जाय | प्रौढ़ शिक्षा को लागत
६६ करोड़ रुपये होगी। प्रारम्मिक शिक्षा का अ्रनावत्तक-व्यय ८६ करोड़
रुपये होगा; और आवत्तंक व्यय ८८ करोड़ रुपये जो रहन-सहन के व्यय में
सम्मिलित कर लिया गया हे।
इस प्रकार इस योजना के अनुसार न्यूनतम रहन-सहन के निम्नलिखित
अनिवाय श्रग हैं :--२,६०० कैलोरी देने वाला आहार, ३० गज कपड़ा,
१०० वर्ग गज का घर, स्वास्थ्य-रक्षा के साधन और शिक्षा का प्रबध | इनको
ग्राप्त करने के लिये हम इस प्रकार व्यय करना पड़ेगा ;--
व्यय की मात्रा
(करोड़ रुपयो मे)भोजन की लागत তক २,१००
वस्नो की लागत न २६०
घर पर अनावत्तंक व्यय *** २६०
स्वाध्थ्य रक्षा पर अनावत्तक व्यय बजे १६०
प्रारम्भिक शिक्षा पर अनावत्तेक व्यय *** * ६०जोड़* * * २,६००हरेक मनुष्य का रहन-सहन इतना ऊँचा रखने के लिये, युद्ध-पूर्व
मूल्य के दर पर, ७४ रु० प्रति व व्यय करने पड़ेगे और हरेक की आय कम
से कम इतनी अवश्य होनी चाहिये | हमारी वतमान प्रति-व्यक्ति आय (१६३१-
३२ का अनुमान) केवल ६५ रु० है; ओर क्योंकि उस समय से लेकर अब
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