प्रेम की पराकाष्ठा | Prem Ki Parakastha
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
47 MB
कुल पष्ठ :
247
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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९ ।
को यह कहते हुए दिया “रावं, यह तो ठीक नहीं हुआ।”
'पछुआ की रानी” यद्यपि देर हो जाने के कारण स्वीकृत नहीं
हुईं पर इसमें संदेह नहीं कि यह कवि की अपूर्व कृति है। सर्च
सम्मति से भी यह इस समय सवोत्तम वियोगान्त नाटक समझा
जाता है ।
सत्यजीवन वम
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