इंग्लैंड, अमेरिका, जापान तथा रूस के आर्थिक विकास के युग - प्रवर्तक चिन्ह | Landmarks In Economic Development Of U.K., U.S.A., Japan & U.S.S.R.

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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इच्लग्द में ग्रौद्योगिक क्रांति और उसके प्रभाव 11 इद्ूलण्द्र का ग्लान्तरिक व्यापार भी स्थानीय करों से मुक्त होने के कारण হ্বকুনা जा रहा था । इस प्रकार श्रान्तरिक तथा विदेशी व्यापार वृद्धि ने श्रौद्योगिक न्‍्ति को प्रोत्साहित किया । (৮1) यातायात के साधनों फा विकास तया सुदृढ़ सामुद्रिक शक्ति-इज्ध- ण्ड कैः विलाल साम्राज्य की स्वापना तथा व्याणर क्षेत्र में विस्तार का क्षेत्र इड्भलैण्ड की सुध्यवस्थित तथा सुहृद सामुद्रिक शक्ति को ही जाता है। क्योंकि इसी के कारण इज्जलंण्ड अपनो राजनंतिक स्वतन्त्रता तथा विश्व व्यापी व्यापार की रक्षा कर सका | इजुल॑ण्ड उस समय अपनी सामुद्रिक शक्ति की दृष्टि से तो श्रेष्ठ था पर साथ २ सड़कों, नहरों तथा नदियों में जल यातायात का विकास होते से न केवल श्रान्तरिक व्यापार में वृद्धि हुई बल्कि श्रमिकों की गतिशीलता में वृद्धि और कारखानों से निर्मित माल समुद्रतट तक भेजना तथा वहाँ ये विदेशों से आये कच्चे माल को कारखानों तक पहुँचाना सुलभ हो गया । इस तरह यातायात के साधनों के विकास का सामूहिक प्रयत्न श्रौद्योगिक क्रान्ति के लिये बहुत लाभप्रद सिद्ध हुआ । (शा) कुशल कारीगरों की उपलन्धता--ग्रौयोगिक्ररण की सफलता बहुत कुछ कुणल श्रमिकों पर निर्भर करती है । जहां एक श्रोर इद्धलैण्ड में श्रमिकों कौ कमी थी वहां कुशल एव योग्य श्रमिकों की पूर्ति संभव थी 1 क्योंकि यूरोप के अन्य देशों मे आन्तरिक अरणान्ति से वहाँ के कुशल श्चमिक भागकर इद्धलैण्ड श्रा गये श्रौर इद्धलेण्ड मे মী ग्रावण्यक ग्रौद्योगिक विकास की पृष्ठभूमि के कारण प्रशिक्षित और कृशल श्रमिक ग्रौ्योगिक केन्द्रौ पर एकत्रित हो गये थे । इस तरह से नये आविष्कारों को प्रयोग में लाना अधिक सुविधाजनक हो गया था । (৮111) संगठन सम्बन्धी योग्यता--संगठन उत्पादन का महत्वपूर्ण श्रद्धा तथा व्यापार एवं उद्योग की प्रगति का सूत्रधार माना जाता है। ब्रिटेन निवासियों में विस्तृत व्यापार के सगठन की दक्षता तथा बड़े पैमाने की उत्पत्ति की कुशलता ने उन्हें समस्त संसार में व्यापारिक सम्बन्ध स्थापित कर औद्योगिक क्रान्ति की सफलता का मार्ग प्रशस्त किया । वे विश्व के किसी भी भाग में माल बेचने तथा कच्चा माल प्राप्त करने में सक्षम थे । (5) व्यक्तिगत स्वतन्त्रता--आर्थिक विकास में व्यक्तिगत स्वतन्त्रता निजी साहस और आर्थिक साधवों के शोषण को प्रोत्साहित करती है। इंड्भधूलेण्ड में उस समय व्यक्तिगत स्वतन्त्रता होने से व्यापार तथा व्यवसाय में व्यक्तिगत स्वतन्त्रता के इच्छुक अधिकांश अन्य यूरोपीय देशों के निवासी आकर बस गये और इद्धलैण्ड तथा विदेशी निवासियों ने व्यक्तिगत इच्छानुसार व्यवसाय तथा व्यापार प्रारम्भ कर औद्योगिक तथा व्यापारिक क्षेत्र में प्रगति करने में योग दिया । (+) सरकार कौ आधिक नीति--श्रौयौगिक क्रान्ति के समय इङ्खलेण्ड कौ




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