बृहद्देवता | Brihaddevta

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Add Infomation About. Dr. Ramkumar Rai
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
12 MB
कुल पष्ठ :
398
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)| [ ६ 1२६ सुर्या-सूक्त पर टिप्पणी ( शषेषांश )३० ऋग्वेद १० ८९-९३ के देवता । पुरूरवस् জীব उशी को कुया३१ पुरुरवस् ओर उवबेशी की कथा ( शेषाद )३२ ऋगण्ेद १० ९६७ ९७ के देवता । देवापि की कंग्रा १० ९८अध्याय ८२४२
९५३
२४४
२४१अण्ेद् १० ९८-१९.? ( १-२.८ ) के देवतः ! निष्क ९ ( ९९-१४० )१ देवापि की कथा ( क्रमश' )२ देवापि की कया ( शेबांश )। ऋग्वेद १० १०१ के देवता३ ऋग्वेद १० १०२ १०३ के देवता | मकुल का खिल२४६
२४७
হত४ ऋग्वेद १० १०४-१०४ के देवता। भूताश काक्यप ऋग्वेद१० १०६ २५०
५ ऋग्वेद १० १०७। सरमा और पणियों की कथा ऋग्वेद!० १०८ २५१६ सरमा बौर पणियो कौ कथा ( क्रमश' )७ सरमा ओौर पणिर्यो की कथा ( शेषादा )८ ऋग्वेद १० १०९-१२० के देवता९ ऋग्वेद १० १२१-६२९ के देवता । तीन खिल
१० ऋग्वेद १० १३०-१३७ के देवता
११ भूमि ' खिल । ऋ्वेद १० १३८-१४२ वे देवता
१२ ऋग्वद १० १४३-१५४ के देवता । खिल मेषासूक्त
१३ ऋषवेद १० १५५-१५९ के देवता
१४ ऋग्वेद १० १६०-१६४ के देवता । ऋषि कपोत লগ
१५ ऋग्वेद १० १६५-१७४ के देवता
१६ ऋग्वेद १० १७५-१८१ कै देवता
१७ ऋज्रेद १० १८२-१८४ के देवता
१८ नेजमेष खिर । ऋग्वेद १० १८५-१८८ के देवता
१९ ऋग्रेद १० १८९ १९० । सशानप्! खिल
२० दो खिल । ऋग्वेद १० १९१ । महानाम्नी ऋचायं
२१ महांकम्नी ऋचा सूक्त कया होता है
२२ निधिदु, नियद और छल्दों के देवता
२३ छन््दो, वेदों, वषटकार, स्वाहाकृतियों के देवता । स्वर
२४ स्वरो के देवता
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