धर्म - प्रज्ञप्ति खंड १ | Dharm Pragapti Khand 1

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3 MB
कुल पष्ठ :
355
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)श8 दशवेकालिक वर्गीकृत
१४--जाए सद्भाएं निक्खंतो
परियाय - ट्वाणमुत्तमं ।
तमेव अणुपालेजा
गुणे आयरिय-सम्मए ॥ (८।६०)
१५--जोगं च समण-धम्मम्मि
সুজ अणलसो धुवं ।
जन्तो य समण-धम्मम्मि
अद्र लह अणुत्तरं॥ (८।४२)
१६--धुव-सीलयं सययं न हवएजा । (८।४०)
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