संसार की प्राचीन कहानियाँ | Sansar Ki Prachin Kahaniyan

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
15 MB
कुल पष्ठ :
506
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)मित्रभेद २५६विष्णु शर्मा को सौंप दिया । विष्णु शर्मा ने उन्हें ले जाकर पचतत्र पढ़ाया ।
पचतन्न मे पॉच भाग हैं--मित्रभेद, मित्रसम्प्राप्ति, काकोलूकीय, लब्ध-प्रकाश'
४ ओर अपरीक्तितकारक |শা কराजकुमार छ महीनों मे ही इसको सुनकर असाधारण विद्वान हो गये |
तभी से ससार भर के बच्चों को अच्छा लगाने वाला यह पचतत्न श्ञन देने
वाला प्रसिद्ध हो गया। जो मनुष्य इस नीतिशासत्र को पढ़ता और सुनता है,
वह कभी इद्र से भी नहीं हार सकता ।
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