राजस्थान के अभिलेखों का सांस्कृतिक अध्ययन | Rajasthan Ke Abhilekhon Ka Sanskritik Adhyan

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Rajasthan Ke Abhilekhon Ka Sanskritik Adhyan by श्याम प्रसाद व्यास - Shyam Prasad Vyas

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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विपय प्रवेश वा प्रारम्भ 24 में तीर्थंकर महावीर वे निर्वाण वर्ष से भाना जाता है। परन्तु शौ सौ सरना, एत्र भार गोयल प्रादि ने दस বম म चीर मवत्‌ के प्रयोग वो सम्भावना भस्दीइृत फी है । राजस्थान में इसवा प्रयोग सर्द प्रथम राजपूत वालीन जैन क्‍पभिलेखो म टमा है) राजस्थान वं अभिलेखो मे सर्वाधिक प्रयुक्त सवत्‌ विक्रम सबत्‌ है जिसवा भारम्म ईसा से 57 वर्ष पूर्व हुआ । कतिपय भमिलेखों मे 606 ई बे हर सबत्‌ वा प्रयोग है यया तासी प्रभिलेखरं, वामा भभिलेख झादि। बुट्ुबदेव के सेवाडी प्रभिलेख5 म॑ सिंह यत्‌ बा प्रयोग हुमा है । गोठ मगलोद वे दधिमती माता मत्दिर के भभिलेख१ तथा धोड से प्राप्त अभिलेख में “गुप्त” सबत्‌ का प्रयोग है | परिचमी राजस्थान में माड क्षेत्रीय भभिलेखो मे 'भठिक” सबत्‌ वा प्रयोग हुप्ा है। बुछ भभिलेखो मे भटिय एवं विश्रम सवत्‌ वा एवं साथ प्रयोग है । विस वे साथ-साथ वई ग्रभिलेखों म शव सवत्‌ था उल्लेय हुप्ा है। लेक्नि ऐसा कोई भभिलेय भ्रभी तक प्राप्त नहीं हुमा है जिनम स्व॒तन्त रूप से केवल शक सबत्‌ का ही प्रयोग हुआ हो | विदेच्ययुगीन सांस्कृतिक इतिहास के छिए राजस्थान से प्राप्त अभिलेषों का महत्व राजस्थान वी भ्रभिलेखीय सामग्री का उपयोग प्रभो ठव प्रमुखतया राजनीतिक इतिहास-लेखन म हुप्मा है । लेक्नि सास्कृतिक इतिहास की दृष्टि से भी भ्रभिलिखीय सामग्रो वा बडा महत्व है । प्रन्य प्रदेशो के समान विवेच्ययुगीन राजस्थान म भी दो प्रकार वे अभिलेख बहुसख्यक हैं--एक प्रतिष्ठा प्रभिलिष भौर दूसरे दानपत्र । प्रतिष्ठा-पभिलेख मन्दिर, मूति, बिहा र, फूप, वापो, नहर, भ्राराम भादि वे निर्माण प्रयया धुनर्स स्कार के समय लिखवाये जाते थे | इनम प्राय उस समय शासन कर रहे नरेश की प्रशस्ति भो रहती थी । दामपत्र या दान शासन किसी ब्राह्मण, जैन या बौद्ध भिन्षु, विहार, गच्छ, मन्दिर, पदाधिकारी या करिसौ भ्रन्य सस्या प्रथवा व्यक्ति को भूमि दान के श्रवसर पर लिखवाय जाते थे 1 1 सरकार, डी सी , सइ, पृ 90, टिप्पणी 3 एस पी गुप्ता तथा के एस रामचन्द्रन द्वारा सम्पादित 'द श्रोरिजिन आफ ब्राह्मी स्क्रिप्ट! म डा गोयल कया लेख, पू 39-40 इ श्राई, 36, पु 49 वही, पृ 52 वही, 11, पू 34 यही, 11, प 393 वही, 12, पू 12 ০ नये 6४ ० + ९२




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