वार्षिक प्रतिवेदन 1957-58 | Varsic Prativedan 1957-58

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Varsic Prativedan 1957-58 by लोक सेवा आयोग उ०प्र०-U.P.P.S.C

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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९१ सुझाव दिया कि सूची रह कर दी जाय और यदि दोनों प्रकार के ओवरसियरों की मिश्रित सूची बनाना अनिवाय रूप से आवश्यक ही हो, तो उस सूची को मुख्य अभियन्ता के अनुरोध करते पर आयोग स्वथं तयार करगे । म्‌ अभियन्ता ने सिविल एवं विद्यत्‌ तथा यान्नि ओवरसियरो के संवर्गों को निश्चित करने के लिये शासन को लिखा हु और इस मामले सें अग्रतर निर्देश की प्रतीक्षा है । ७--बिना विज्ञापन के भर्ता प्रतिवेदनाधीन वर्ष में आयोग से लिखित परीक्षा अथवा अन्य प्रकार की चनाव कौ सामान्य प्रक्रिया को शिथिलं करके ४१७ अभ्यथियो (इनसें गत वर्ष निर्दे शित १८ अभ्यर्थियों के मामले भी शामिलह ) की नियक्ति के मामलों पर विचार करने के लिये अनरोध किया गया। इनमें से परिक्षिष्ट ४ सें वणित ३७३ अस्यथियों के मामले निदटाये गये, व ४(क) में वणित ४४ अभ्यर्थियों के मामले प्रतिवेदनाधीन वर्ष में नहीं निबटाये जा सके, परिशिष्ट ४ मं दिखलाये गये ३७३ अभ्यर्थियों में से १९२ नियक्ति के लिये अनुमोदित किये गये, ४६ आरक्षित सूची में संस्तुत किये गये और १३४ नहीं अनमोदित किये गये । एक के सामले में अन्तिम निर्णय नहीं किया जा सका, क्‍योंकि कुछ सुचना नही प्राप्त हुई थी, जिसके लिये लिखना पडा। दो अभ्यर्थियों के मासले आयोग के पुनरविचारार्थ उनके पास लोटा दिये गये और दो के विषय मे शासन का निणंय वषं के अन्त तक नहीं प्राप्त हुआ था । शेष मामलों में शासनं ने आयोग का परामश्चं स्वीकारः कर लिया) २--सरकारी और सहायता-प्राप्त जूनियर हाई सस्‍्कलों तथा आदर्श विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों में से विद्यालय प्रति-उप-निरीक्षक के १० पदों पर विज्ञापन के बाद सीधी भर्ती द्वारा अथवा क्षेत्रीय उप-शिक्षा संचालकों के मनोनीत अभ्यर्थियों में से चनाव करने का प्रदन, जिसका उल्लेख १९५६-५७ के प्रतिवेदत के अध्याय ७ के पंरा ३ सें किया गया था, प्रतिविदनाधीन वर्ष में भी पत्र-व्यवहारान्तगंत रहा। ३--परिशिष्ट ४ की भद संख्या ३७ में दिखलाय गये पद अर्थात्‌ रिहन्द बांध संगठन में लियेजां अफसर (जन-सम्पर्क अधिकारी) के पद को आयोग के विच!र-दक्षेत्र के अन्तर्गत छाये जाने के पुवं रिहन्द बांध के अधीक्षण अभियन्ता ने विज्ञापित कर दिया था। अतः जब सिचाई विभाग के मख्य अभियन्ता ने आयोग के पासं उन अभ्यर्थियों के आवेदन-पत्रों को भेजा, जिन्होंने उस विज्ञापन के उत्तर मं आवेदन-पत्न भेजे थे या जिनके विवरण रोजगार के दफ्तर से प्राप्त हुये थे, तब आयोग ने स्वयं विज्ञापन करके फिर से आवेदन-पत्रों को आमंत्रित करना आवद्यक तन समझ कर, उन्हीं में से चुनाव किया। ८--पदोन्नति दवारा भर्ती प्रतिवेदनाधीन वषं में, आयोग ने अपने विचार क्षेत्र के अन्तगंत विभिन्न सेवाओं और पदों की २६८ रिक्तियों पर पदोन्नति के लिये ८४२ कमंचारियों के मामलों पर विचार किया । इनका विस्तृत विवरण परिशिष्ट ५ में दिया गया हूं । २--आयोग ने २६८ मं से १९० रिक्तियो पर पदोन्नति के लिये अभ्यर्थियों कौ संस्तुति कौ)! परिशष्षिष्ट ५ की সহ संख्या २६ में दिखलाये गये ४ अभ्यर्थियों के बारे मे यह निश्चयं किया गया कि उन्तके लिये तथा अन्य रिक्तियो के लिये, जो उस सेवा में हो गई थी, चुनाव साथ- साथ छिये जायं । उक्त परिशिष्ट की मद संख्या ४ में दिखलाई गयो १९ रिक्तियों को भरते




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