प्रतिनिधि रचनाएँ | Pratinidhi Rachnaye
श्रेणी : शिक्षा / Education

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
1 MB
कुल पष्ठ :
111
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)अतिनिधि रचनाएँ
ली ठन-गति
चला जा रहा हूं |
न इस राह का आदि मैं जानता हूँ,
न इस राह का अन्त म मानता ह+
दिर पन्य क एक पटिवानता हं
नही जानता छत रहा पथ को मैं
स््वय पय से या छुला जा रहा हूं!
घला जा रहा हूं !
नही है मुक्के ध्यान जीवन मरण वा
नही ज्ञान है तम वण और तन फा
मुझे एक्टी ज्ञान है बम जलन का ?
नही ज्ञात, मर जल रहा आज भुभम
स्वय या कि मझ म जला जा रहा हूँ
चता जा रहा हूं
विराघार ক যাবি साधार ह
मै
प
यही संग रहा दम, निरावार हूं मैं
মহা जानता, ढल रहा झु-य मुभमे
स्वय शून्य मेया दलाजा रहा हू ।
चला जा रटाह]
“ঢাাভাছ?
१९४३
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