बीकानेरी नामपद | Bikanner Nampad
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
526 KB
कुल पष्ठ :
52
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)(तर)
नए लिपि एवं संकेत-चिन्हरह अद खवृत पश्च अति हस्व स्वर है। डिंठी वी गे, इ एवं बभी*
শী অ ध्वनि का उच्चारश बेकानेरी म इस ध्वनि मे होता है यथा ८
लि० एसा बी० अग्सा हिं७ कितता + बी० कताः हि रक्षा- बी०
रघाआदिक जद ^
मे मढ बिदृत् अग्र हस्व स्वर हैं। बोजी में इस ध्वनि का उच्चारण
क्ष ग्रेज़ी चाल जला गगाशा ए८॥ आदि बे ऐँ ध्वनि के समान होता
हैं यथा ঈীহা লাকি।
यह बद्ध विद्भत हस्व पदच म्वर है। इस ध्वनि का उच्चारण बोली मे
सप्रेजी गल 017 के आ थो तरह होता है यथा दा,पों को আহি ६
हिही बी अधिकाश आकारात घ्वनिया फरा उच्चारण इसमें होता हैं।
बीकानेरी में इन दोनों ध्वनियों में क्रमश व न পু এব एा
दु+घ -« ८१ वा योग है । इन घ्यनिया वा उच्चारण न तो 'ब के
समान होता है जलौर न द के समान, यथा «वड़बोर मे प्रथम ,ब का
उच्चारण द्वितीय म कै उच्चारण से भिन है |शेष ध्वनियां अधिकतर हिंदी के समान ही उच्चरित होती है अत
यश प्रस्तुत नहीं वी गई है ।
ध्वनि प्रक्रियामक हष्टि से स्परिवतक ধা चोत्तक 1
तथ्य के स्पष्टोबरणां के विए प्रयुवत शवेत
हनत
व्युखन्न या निदस्पका चोतव
ऐतिहासिक पूर्ण रूप से पर रूप वा चोतक
पर प्रत्यय एब विभज्त का विभाजक হান
घातु सकेतप्रत्यय के पश्चात् लगने से पूव रूप एवं उसके पूद में लगाने स पर रूप
पौ धोतक 1
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