देवयानी का कहना है | Devyani Ka Kahna Hai

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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दूसरा चेष्टर सतम हुभा । साधन ˆ देवयानी (घबराकर) जरा मीरियमची सोचो । अगर कोः -/ तुम्हे जबरन मुझसे छीनकर ले जायेगा तो में बचाव के लिए क्या कहूगा ? देवयानी : (साधन के सिर पर हाय रखती है) धात हो जाप्रो साधन, मैं अब समझी कि तुम फिस वात से ठर रहे हो। याद आया, जब तुम तीसरा नियाना मार रहै चे, यानी निधि नायर को जव तुम भगा लयेये तो पाच पहलवानों ने पकडकर तुम्हे चारपाई पर बाघ दिया था और निधि को / वे लोग वापिस ले गये थे 4 उन्होने घायद उस पर गगाजसल छिडककर उसे पविश्र कर लिया होगा या उसे यापि कौमार्य दिला दिया होगा'** साधन और जानती हो । बोल्डनेस मे, जमाने से लट पटने में बह ... तुमसे दो कदम श्रागे थी लेकिन उसे आत्मरहत्या कर लेनी पडी । सोचो देवयानी *** देवयानी : मिस्टर साधन वैनर्जी, जो ध्रात्महत्या कर ले वह मुभसे दो कदम भगे नही हो सकती जीरः साधन : मैं केवल मिसाल दे रहा था देवयानी, मेरा यह मतलव नहीं था कि वैसा ही अब हो जायेगग । लेकिन हमे सायधान तो रहना ही चाहिए। देवयानी . सावधान है तो | केपल सावधानी के लिए ही नो यह সন अनाउन्स किया है कि हमने शादी कर ली है, नहीं तो सच्त , मानो, उन दिन तुम्दारे उन होटल बाते ने मूट जंफ नली / | किया होता तो सव कुछ ठीक से चल ही रहा था । # अपनी पे मे से होटल के कमरे के लिए रपये पलंग रना शुरू कर देने की सोच रहो थी । इन दिनो, मुभे नुम चाहिए थे भौर तुम मुरभे मिल रहे थे । साधन : तो वह फौन-सी दर्त है कि हम दोनो ने साथ ररने रा फैसला किया--होठल किराये मे तेने दी हर देवयानी वा बना है (0 ६ ০০ পপ পা শী न न ৮ ५५ नन +. এত ४५ कक, পদ ते 5




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