साहित्य समीक्षा के पाश्चात्य मानदंड | Sahitya Sameeksha Ke Paaschatya Mandand

[adinserter block="2"]
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
78 MB
कुल पष्ठ :
249
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)রদ. 528१३परिच्छेद :१६: आधनिक उपन्यास और चेतना-प्रवाह
हेनरी जेम्स के विचार; एच० जी० वेल्स ओौर माल्सवर्दी
प्रस्त का अतीत के स्मृति-चिह्न'; जेम्स जायस का
यूलिसिस; उपन्यास में कथा-कल्प; डी० एच० लारेन्स
के उपन्यास और रक्त चेतना; वर्जीनिया वृल्फ;
नायक-विरोधी चरित्रपरिच्छेद : १७: आधुनिक नाटक
एकं नये स्वरूप की खोज; इब्सन और बर्ना्ड शा
सेमुएल बंकेट का गोदो की प्रतीक्षा मेः; डब्ल्यू० बी०
येट्स के काव्य-ताटक; वामपंथी नाटककारपरिच्छेद :१८: काव्य-नाटक, आधुनिक परीक्षण ৪
येट्स के परीक्षण तथा जापानी नाटक; टी० एस० ईलियट
की विचारणा; काव्य-नाटक और श्रोता; ईलियट के
काव्य-नाटक ; काव्य-नाटक में कोरस का प्रयोगपरिच्छेद :१९: (रोमांटिक' तथा क्लासिकल' .. करविचार विमर्श; क्लासिकल साहित्य ओर सीमित समाजपरिच्छेद :२०: साहित्य-समीक्षा की सीमां अ ड़
स्पष्टीकरण तथा निर्णय; टी० एस० ईलियट का परम्परा
पर विचार; अवैयक्तिक कला; प्रभाववादी समीक्षा तथा
ऐतिहासिक समीक्षा; परम्परा और समीक्षा१६७१८३१९०२०६२१५
User Reviews
No Reviews | Add Yours...