ललितविक्रम | Lalit Vikram

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
112
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)परिचय १९१
अहफार या कोई ऐसा दोष दमित करने के लिये । महाभारत मे यह
कथा दी गई है | गृरू से वदकर, कदाचित्, वह शिष्य था जिसने हतने
वदे भ्रनुशासनं को चुपचाप सह लिया | परच्तु उस काल मे बडे पुरुषो
. के बनावे की विधि थी, केवल टेढे तिरछे यन्त्रों के निर्माण की नहीं !।
उस काल की एक काको के प्रस्तुत करने का प्रयत्न 'ललितविक्रम'
नाटक म किया गया है। उस काल के सलौनेपन, जीवट श्रौर सद्ता
को हम भ्राज फे जीवन मे उतार सके तो भ्रभिनय करत्त्रोंकोमेरी
हादिक वधघाई।
चृन्द|वनलाल वर्मा
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