स्वर्ण धूलि | Swarn Dhuli

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
1.64 MB
कुल पष्ठ :
180
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)मन से होते मनुज कलंकित,
रज की देह सदा से कलुषित,
प्रेम पतित पावन है, छुमको
रहने दूँगा मे न कलंकिंत |”
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