जयन्ती स्मारक ग्रंथ | Jayanti smarak Granth

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Jayanti smarak Granth by आचार्य शिवपूजन सहाय - Acharya Shiv Pujan Sahay

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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पुनियाराज *** १३४ पं० बच्चा का १४६ अगवानपुर ११ १३४ बिहार की जीवित कुदं न्य रियासतं १३७४-१ ३५ विमृतियौ १८७-१४६ छोटानागपुर की रियासतें. १३६ महाराजाधिराज सर कामेश्वर पलामू রি १२६ सिह बहादुर १४७ चैनपुर রঃ १३६ डा° गगानाथ का १४७ खोनपुरा क १३७ सर गणेश्चदत्त सिह १४७ छोदानागपुर **९ १३७ डा० सच्चिदानन्द सिह १४७ धनचार १ १३८ ভা बरजकिशोर प्रसाद्‌ १४८ शमगढ़ ४०१ १३८०-१३६ डा० राजेन्द्र प्रसाद १४८ कुराडे कि १३६ रायसाहब भीरामल्लोचनशरण १४८ काशीपुर >~ १६३६ कुमार गङ्गानन्द्‌ सिंह १४६ पोरहाट भेऽ १३६ प्रोफेसर अमरनाथ फा १४६ खरसावाँ और सराइकला ৪০ म० म० पं० बाल्कृष्ण मिश्र १४४६ $ बिहार की विश्वूत्ियाँ-- थ वेद्‌ जर राजतन्त्र का मिक श्रीतारकेश्वरप्रसाद वो १४१-१४६४. विकास- श्रो. श्रीधर्सदेव शास्त्री दर्शन- पौराणिक चुग की विभूतियाँ १४२ केसरी १५०-१५२ प्राचीन ऐतिहासिक विभूतिर्भौँ १४६ अर्वांचीन विभूतियाँ ४ १४४ $ शोद्न्तपुरी-- महाराज लक्ष्मीश्वर सिह १४४ उयोत्तिषाचायं पं० सूर्यनारायण व्यास महाराजाधिराज रमेश्वर सिह १४४ १४३-१०५ घानू शाल्आम सिह श १४५ क्षषिहर का गोधन और उसकी रायबहाहुर तेजनारायण सिंह १४५ बाबू लंगट सिह १४५ गोशालाएँ-- बाबू अदल सिह १४५ श्रीधमल्ाल सिंह १५६-१८० घाबू महेशनारायण १४७ गाय का महत्त्व १५६ विद्यावाचस्पति मधुसूदन सा १४५ पौराणिक युग में गो का माहाक्य श्रीभमगवानप्रखाद 'रूपकला' १४५ १७७--१ ७८ स० स० पं० रासावतार शमां १४५ बुद्धकाल में गोविषयफ वर्णन इसामबन्धु १४७०-१४ ६ १७५६-१६० खाँबहादुर खुदाबर्श खाँ. १४६ जैनकाल में गोधन १६१ मौलाना सजहरुलहक १४६ यवनकाल मँ गोधन १६१ আন दीपनारायण सिह १४६ रोधन का चर्त्तमान हास और म० म० डा० काशीप्रसाद उसके प्रधाव कारण १६१-१ ६२ जायसवाल १४६ इंषोत्स्ग की विवेच्चना १६१-१६४




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