विनोदशंकर व्यास की इकतालिस कहानियाँ | Vinod Shankar Vyas Ki 41 Kahaniyan
श्रेणी : कहानियाँ / Stories

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
7.61 MB
कुल पष्ठ :
394
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)मान का प्रश्न शु बचपन ख़ेलता हुआ चला गया । जवानी इदलाती हुई झा रही थी । नसन्नस में यौवन-विधुल् का संचार हो रहा था । सुभद्रा ने एक बार सुख की अँगड़ाई ली । बहू बड़ी मधुर प्रतीत हुई । उसने आँखें खोलकर देखा- - प्रकृति मुस्कुरा रही थी । गम्भीर होकर सुसा--म्रेस छुव्द संदेश दे रहा था | दोपहर का समय था। वी हो चुकी श्री । शसिबार-+ बड़ा सुदावना दिन था बह अपने पति की अतीक में थी
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