अस्तित्व का प्रवाह | Astitva Ka Pravah
श्रेणी : काव्य / Poetry

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
148
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)ध्रीं स्वप्न अपनी ही कल्पिनिक रचना
जिसका सष्टा भौर हृष्टा है
स्वयं का अचेतन मन
और इसीलिये हम उसको
कहते है--स्व-पन
म हमारे जो दिख रहे है
घमं, नीति, आचरण भरे व्यवहार
वे कभी नही छू सकते हैं जीवन
क्योकि वे केवल हैं अपने ही फैलाए हुए स्वप्न
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अस्तित्व का प्रवाह : सोहुनराज कोठारी &
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