मज्झिम निकाय पालि | Majjhima Nikaya Pali
श्रेणी : धार्मिक / Religious

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
10 MB
कुल पष्ठ :
450
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)५५ सब्किमनिरायों [१.३ १-
पक पनर तुम्हें, आवुसो निगष्ठा, जानाथ - अकरम्हे वे
भय पुष्वे पापकम्मं, ने नाकरम्हा' ति?
नो हिंदं, आवुसो।
क्रि पन तुम्हे, यावुपरो निगण्ठा, जानाय ~ एव्पं वा
४ एवसूपं वा पापकम्मं अकरम्दा' বি?
नो दिदं, वावृप्तो'1
पक पन तुम्हें, आवुसो निगण्ठा, जानाव ~ एत्तकं वा
दुक निज्जण्णं, एत्तकं वा दूवसं निज्जीरेतव्वं, एत्तकम्हि वा दुबखे
निञ्जिप्णे सव्यं दुक्खं निज्जिप्णं भविस्सती' ति ? ,
ফ্রড ও नो हिंदं, आवुस्ो।
के पन तुम्हे, आवुसो नियण्ठा, जानाथ ~ द्रि धम्मे
अकुसकार्न धम्मान पानं, कुसछान धम्मार्न उपसम्पर्द' ति?
नो दिदे, आवुसो'।
. रति किर जाचुसो निगण्डा, न जानाय ~ बह
ও व्रम्दे व मयं पुव्ये न नाहूबम्हा ति, न जानाय ~ जकरम्हे वे मयं
ঘন पापकम्पं न नाकरम्हा त्ति, न जानाय ~ एवख्पं वा एव्ररूप
या पापकम्मं अक्ररम्दा ति, न जानाय ~ एत्तकं वा टुं निज्जिण्णं
एत्तकं वा दुबख॑ं निण्बीरेसर्व्वं एतकम्डि वा दुक्ते निज्जिण्णे सन्य
दुकप निज्जि््ण भविस्मती ति, न जानाथ - दिद्देंव धम्मे अकुसछात
9 ঘম্নান पहाने बुमछान धम्मार्न उपसम्पर्द। एवं सस्ते आयस्मन्तान
निगण्ठानं न कल्ठम्रस्स वेय्याकेरणाय ~ यं किच्चायं पृरिसपुगग्मौ
पटिसव्रदेति मूख वा दुक्ं वा उदुक्खमसुखं या, सवं तं पुच्बेकतत-
हेतु । इति पुराणानं कम्मरार्न तपसा व्यन्तीमावा, नवान 415
अकरणा, आार्यात अनवस्मवो; आर्यात्त अनवस्सवा कम्मक्सयों
कृम्मक्सया दुक्कक्वयाः; दुक्वेकरवया वैदनाक्छयो वेदनाक्खया
५ পা
दुक्यं निज्जिष्णं পগিলারী' নি সি
सच पन तुम्हें, जावनों निगण्ठ „ जनैय्याय
य ~ अद्ववम्हे
व मयं पुत्रे न नाद्वम्डा ति, जनिय्याय यक्रद व मयं ঘট
१-१ अवरामेब-सो०३ २ निम्विरेब्य -स्था०, फेर; निम्नं -मो०
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