आँका सूरज बाँका सूरज | Aanka Suraj Baanka Suraj
श्रेणी : काव्य / Poetry

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
1 MB
कुल पष्ठ :
180
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)बड़ा हो जाने दो, जन कोदुनिया
जब छोटी हो गयी है
तो उस सूरज फो देवने चलो
जो वियतनाम में उगता
जवान होता নযুনা मे
अमरोका में डूब जाता।दुनिया
जब ভীতী हो गयी है
तो, उस चाँद को देखने चलो,जो मारिशस में होता निलरछोंहहांग-चौ के वेणुवनों मेंताकृता-झाँकताहिमालय की बफ़ भरी चोटियों पर
बिछ जाता।क़रीब हो गयी है दुनिया जब
चलो, चलती हैं,
पूछते है लोगो से,
त्तलाशते यह नदी--
तूफानी रातो में पार करते थे
जिसे बापरन
या, किएती उत्तास्ते थे...
शेलो भी जब~तवे।चसो वसते है
इंग्लैप्ड के उन जंगलों मेंआका सूरज, वाका सूरज :: 15
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