मानव धर्म प्रथम भाग | Manav Dharm Pratham Bhaag
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
1 MB
कुल पष्ठ :
68
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)भारत ये धमं के आदि प्रवर्तकऋषभ देव अयोध्या
के राजा नाभिराय के
पुत्र थे । उनकी माता
का नाम मरुदेवी था।
जिस समय उनका जन्म
हुआ उस समय तक संसार
में कल्पवक्ष होते थे । आदमी
की हर आवश्यकता को कल्पवृक्ष
पूरी करते थे । परल्तु भगवान ऋषभ देव के जन्म के
कुछ दिन बाद ही कल्पवृक्ष सूखने लगे । तब जनता को
यह् चिन्ता हुई कि भ्रव भोजन, पानी, वस्त्र, इत्यादि
कंसे मिलेगा ।जनता को दुखी देख कर भगवान ऋषभ देव ने
उन को भोजन के लिए खेती करके श्रनाज पैदा करना
सिखाया। शत्रु से अपनी रक्षा करने के लिए अस्त्र-
शस्त्र चलाना सिखाया । जिस से जनता बुद्धिमान बने,करषर
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