बादलों की गोद में | Badalon Ki God Main

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Badalon Ki God Main by भक्त शिरोमणि - Bhakt Shiromani

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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( १) कृत्रि वही, जो बादलों की गोद में दिच रात सोता | वादलों के खींच रेशे, भाव सम कोमल वना के, काव्य का जा रूप लादे, कृषि वही, जो बादलों के संग उड़ता, ओर ऊँचा ! कवि वही, जो बादलों की गोद में दिन रात सोता | धृट जो खाता धरा पर, तोड़ता तारे गगन पर, झाँकता आकाश में वह, कवि वहीं, जो बादलों के संग हंसता ओर रोता ! कवि वही, जो बादलों की गोद में दिन रात सीता ¦




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