जैन धर्म में अहिंसा | Jain Dharm Men Aahinsa

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Book Image : जैन धर्म में अहिंसा - Jain Dharm Men Aahinsa
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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( कर )उपसिकदर्शाग प्रदनव्याकरण निरयावलिका उत्तराध्ययन आवश्यक दशवेकालिक प्रवचनसार समयसार नियमसार पुरुषाथंसिद्धच्‌ पाय मृलाचार रत्नकरंड-उपासकाष्ययनतृतीय अध्यायजैन दृष्टि से अदिसाहिसा की परिभाषाहिंसा का स्वरूपहिंसा की उत्पत्ति एवं भेद हिंसा के विभिन्‍न नाम हिसा के विविध रूप स्वहिसा और परहिसा षटकायो कौ हिसाहिसा के विभिन्न कारण हिंसा के स्तरहिंसा करनेवाले कुछ विशेष लोग तथा जातियां हिंसा के फलहिसा के पोषकं तत्तव अहिंसाअहिसा की परिभाषा अहिसा के रूप१११ ११२ ११३ ११४ १२१ १२२ १२५ १२७ १२८ १३० १३१ १३६१४०.-२०द१४० १४२ षृ १४५ १४७ १४८ १४६ १९१३ १५५ १६१ १९३ १६९ १७१८९१ १८६




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