संगीत हकीकतराय | Sangeet Hakikatray
श्रेणी : कहानियाँ / Stories

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Add Infomation AboutYashwant Singh Verma
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
8 MB
कुल पष्ठ :
338
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)पहला दृश्य श19एुनाभो । ( एक लड़के को इशारा करके ) प्रम्ताज
श्रती, वता यह स्या रप्न् है ।एम्ताजग्ररी- नपा मियां जौ ।
मुन्ला--मबे जो मेरी दो उ गलियों के दर्मियान है ।पम्ताजञली--दायें दाथ की उ'गलियों के या ब्रं
हाथ की |
-ग्रवे उन्लु, जो हाथ मेरा क्षितव पर दे उसकी
उ'गलियों के दर्मियान |एम्गजग्रली-( यत्रा के हाथ की उ गलियां टोल कर
मिया जी | झापके दाथ की उ'गलियों फे दर्भियान्
तो कोई लफ्ज नहीं ।पह्ठा-अबे गधे मेरी उ गलियों के दर्ियान हाव पर
जो लफ़्ज है वह वता |घुम्ताजश्रली--मियांजी यह किताब किस की दे ।पुन्ला--फरमईलादी को ।मुम्ताजझली --तो मियां जी जिसको किता है उपी से
पये, दूसरे श्रिता फे लपनं का पते क्या पताएद्ा-(धक्ा देकर) चल नालायफ द्र हो । नूरडधीन
तू
लरदरीन श्या शशाद है ।इन्ला--तुझे कंस का संदक याद है ।
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