तत्त्वार्थ वृत्ति | Tatvarth Vritti

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Book Image : तत्त्वार्थ वृत्ति  - Tatvarth Vritti
[adinserter block="2"]

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about आर्यिका जिनमती माताजी - Aaryika Jinmati Mataji

Add Infomation AboutAaryika Jinmati Mataji

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
भर ३ ३३३३३ १३३३ ३३३१३ ३३ ३४१९९३%३३५३ऋ> परम पुज्य धमदिवाकर श्राचायं प्रवर र त श्री १०८ श्री धमेसागरजी महाराज शक बुक कीट हि श कफ ५५ न 4 प) भटर ब 1 च ही र ९ । ६ ५४ ही 1५ ५», न~ क ^ ५ = ५ वतंकि~ {दहा ~ ^१14.( तू ५९ {त 1 च रन च ५ ~ ~ न 11 ध यार क चप 5 न 4 “^ + जल क च ^ र 0 ~ + ५ न स्य प + ८2५२४४५५२ही ह ६.4 ६;शु पृ स~ न |# श्‌ ~~ ~+ >~क = कर 9 ग + > च, +~4 के५५५५५५४५... दे दे दे के के पके केक| 2 किये, ~ ~ ^~ कक; ् म [1 8 सा कस गा ८६ ५‰ न नरथ कि ८८ ४ ~ ह हि = £ 1:% 1पे कि दाग की उनकी:& नि ५ हा दी क ध {८ 1 ५ ५ २६ ५3 2 सः १०. 4(श क 8, (1 ५ पु ध श = १५८ ति ५ म (7 2 ९ ल 4 4 ~~ = ९7 अब 2 उन र हा रत ड्ो किक४ व टन फर्ड पर ध ५ ध नट तुभ्य नमोऽस्तु शुभधमेसमथंकाय, तुभ्य नमोऽस्तु जनतापविनाशकाय । + 44 तुभ्य नमोऽस्तु भवशौषकपद्मवन्धो, तुभ्य नमोऽस्तु गणपोषक धर्मसिन्धो ॥। न हे र जन्म क्ुल्लक दीक्षा : मुनिदीक्षा * समाधि १ 1 &ढ नस १९७० पोष पृ... चेत्र शुक्ला ७, से. र००१ कातिक शु, १४, स. २००८ बैसाखक ९म २०४४ + हक गम्मोरा (ददी) वालृज फुलेरा सीकर २२-४-८७ & न राजस्थान महाराष्ट राजस्थान राजस्थान 4 ने11.11) दूँ दूँ दे दे




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now