हिन्दी साहित्य के बृहत इतिहास भाग 6 | Hindi Sahitya Ka Brahid Itihas Bhag 6

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
शेयर जरूर करें
Hindi Sahitya Ka Brahid Itihas Bhag 6 by डॉ. नगेन्द्र - Dr.Nagendra

एक विचार :

एक विचार :

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

डॉ. नगेन्द्र - Dr.Nagendra के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है | जानकारी जोड़ें |

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(देखने के लिए क्लिक करें | click to expand)
( २ )(५) भट नायक “ ४६ ( ६ ) श्रभिनवरुप्त । ६ (७ ) भरतस की व्याख्या ` ४६ ३ अलंकार संप्रदाय श्र रस ^ ~ थः ( १ ) श्रलंकासवादी श्राचायं । ~ (२) श्रलंकारवादिययो द्वारा रस की महत्वस्वीृति - ४६८ ३ ) श्रलंकारवादियों द्वारा रस का अलंकार में श्रंतमौव ` ५०. (४ ) रसवादिर्यो तथा कतक द्रा श्रलंकारवादियों का खंडन ५३८ ध्वनि संप्रदाय श्रौर रस ५७ . ( १) ध्वनिवादी श्राचायं श्रौर रस - ५७ (२) स्स); ध्वनिक एक मेद्‌ ५७. (३) रसध्वनि ; ध्वनि का सर्वो्छृट मेद ५८£ -श्रलंकार संप्रदाय शः ६१ ( १) उपक्रम ६१ ( २) श्रलंकार्वादी आचाय ' . ६१. (३ ) ध्वनिवादी. श्राचार्य श्रौर द्र्लकार ' ६३ (४) अलंकारं का लक्त्ण ६४ (५) द्रलंकारो की संख्या ६६ (६ ) श्रलंकारों का वर्गीकरण ६७ (७ ) श्रलंकारो के प्रयोगों में त्रौचित्य ६६ (८ ) त्रलंकार संप्रदाय श्रौर हिंदी रीतिकालीन श्राचार्य, ७३१० रीति संप्रदाय | ` ७ (१) रीति फी परिभाषा श्रौर स्वरूप ७८ (२) रीति सिद्धांत का अन्य सिद्धांतों के साथ संबंध ८०.(श्र) रीति तथा श्रलंकार ८०(आ) रीतिश्रौर वक्रोक्ति “ दु(इ) रीति श्रौर ध्वनि ८३(ई ) रीति और रस = , हब(३) रीति सिद्धांत की परीक्षा, ' .. .' ८५ (४ ) रीति के मूलतत्व ं ` दय` (५ ) रीति के प्रकार . ६१`: (६ ) वाह्य श्राधार ११ वक्रोक्ति संप्रदाय ` : -.( १ ) कुंतकप्रस्वुत वक्रोक्ति संप्रदाय६३ ६४१००५




User Reviews

अभी इस पुस्तक का कोई भी Review उपलब्ध नहीं है | कृपया अपना Review दें |

अपना Review देने के लिए लॉग इन करें |
आप फेसबुक, गूगल प्लस अथवा ट्विटर के साथ लॉग इन कर सकते हैं | लॉग इन करने के लिए निम्न में से किसी भी आइकॉन पर क्लिक करें :