शास्त्रार्थ की अपील | Shastrath Ki Apil

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Shastrath Ki Apil by उजागरमल जैन - Ujagarmal Jain

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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(१४) लानारामजी बनारस, पेड़ित वंशी घरजी शोला पुर, पगिडत सृबचन्द्रनी मुम्बई, पशिडत कन्ञालालजी कासलीवाल मुम्बई, मुख्तार जुगलकिशोरजी व वात्र सूयेमानजी देववन्द, श्रादि महाश से पूछा था तो वे शाख्र विचार तथा सत्य निर्मम के लिए तैयार हैं । में आ्राशा करता हूँ कि अन्य पाशेडत जन भी धम्म रत्ताके हेतु अपनी सम्मति प्रदान करेंगे जिससे स्थान, तिथि व समय नियर होकर से साधारण को सूचना दी जावे । में अन्तम यह भी निवेदन कर देना उचित समता हं कि जयपुर एस शाख्राथ के लिए बहुत ही योग्य स्थान है । जन जातिमें शान्ति का मभिलुपी-- उजागरमल जैन सिद्धान्त प्रचार विभागाध्यल भा.० न° शिर प्र समितिः . की जयपुर




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