महिला सत्यार्थ प्रकाश | Mahila Satyartha Prakash

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
श्रेणी :
Mahila Satyartha Prakash by विश्वप्रकाश -Vishwaprakash

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about विश्वप्रकाश -Vishwaprakash

Add Infomation AboutVishwaprakash

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
पिता की शिक्षा | ५९ कारण मारना मी उचित नही ई । श्रारम्भद्ीसे कच्चा म श्रच्छी श्राटत डालनी चाहिये क्योकि जो आदते इस समय पड़ जाती है वे आगे चलने प्र दती नदी, जैसे यदि कोई वालक गलती से किसी दूसरे की वस्तु उठा, लाव तो उसको वही पर राकना चाहिये | ऐसा न करने से बालक म चोरी करने की आदत पड जाती है । यदि बालक मूठ बोले तो उसके শী रोकना चाहिये। ऐसा न करने से उसकी मूठ बोलने की आदत पड जाती है एक दूसरे के साथ व्यवहार करने की विधि सी मिखानी चाहिये | जब व्रालकः आठ चर्ष का हो जाय तो उसके गुरु की सेवा में भेज ढेना चाहिये । জী माता पिता अपने बालक के शिक्षा नही देते वे उनके बैरी हैं।




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now