बाँदा जनपद के आर्थिक विकास में कृषि आधारित औद्योगिकरण | Baanda Janpad Ke Aarthik Vikas Mein Krishi Aadharit Audyogikaran
श्रेणी : अर्थशास्त्र / Economics

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutKanchan Shriwastav
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
110 MB
कुल पष्ठ :
165
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about कंचन श्रीवास्तव - Kanchan Shriwastav
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)(7 )तालिका :-(अ) 1 |
बाँदा जनपद में लघु व ग्रामीण उद्योगों में
लगे व्यक्तियों की संख्या-1985-86 17993-94 1996-97 [1998-99 |लघु उद्योग ईकाइयोंमें कार्यरत व्यक्ति
ग्रामीण एवं लघु उद्योग
ईकाइयों में कार्यरत
व्यक्तियों की संख्यास्त्रोत:-सांख्यिकीय पत्रिका- 1985-86, 93-94, 96-97, 97-98इस तालिका से स्पष्ट हे कि कृषि-आधारित उद्योगों में जनपद के 65 प्रतिशत व्यक्तिलगा है। अथीत आधे से अधिक व्यक्तियों की जीविका का आधार क॒षि ही हैं। यहाँ केवल.
इन उद्योगों में बरोजगारों व्यक्तियों को रोजगार ही नहीं मिला बल्कि जनपद में उपलब्धस्थानीय संसाधनों के उपयोग हेतु अवसर प्रदान करेगें ।और जनपद में व्यक्तियों की प्रतिव्यक्ति ` ৮) |आय बढेगी ओर जनपद विकास की ओर उन्मुख होगा।इस प्रकार देश व प्रदेश व जनपद की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर ही निर्भर |१ है कृषि ही पूरे ही देश की अर्थव्यवस्था का आधार स्तम्भ है। आज देश में कृषि रूपी स्तम्भं वपर ही अर्थव्यवस्था रूपी छत खडी हे । जिस दिन इन स्तम्भो का सहाया नहीं मिलेगा तो .छत गिर जायेगी और कृषि- आधारित उद्योगों द्वाया उत्पादित वस्तुओं का नियति. अधिक मात्रा में विदेशी मुद्रा प्राप्त करते है।1 करके. মি :
User Reviews
No Reviews | Add Yours...