वार्षिक रिपोर्ट 1999-2000 (एन सी ई आर टी ) | Varshik Report 1999-2000 (N. C. E. R. T)

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7, एन,आईई. की अकादमिक समिति एन.आई.ई. के विभागों के सलाहकार बोर्ड9, कार्यक्रम सलाहकार समिति10. शैक्षिक अनुसंधान और नवाचार समितिपरिषद्‌ मुख्यालय में निम्नलिखित शामिल हैं;1. परिषद्‌ सचिवालय2. लेखा शाखापरिषद्‌ में पाँच वरिष्ठ पदाधिकारियों निदेशक, संयुक्त निदेशक (परिषद्‌) , संयुक्त निदेशक, सी.आई.ई.टी,, संयुक्त निदेशक, पी.एस.एस.सी .आई.वी.ई. और सचिव की नियुक्ति भारत सरकार द्वारा की जाती है। रिपोर्ट की अवधि के दौरान इन पदों को जिन अधिकारियों ने संभाला बे हैं;कण ¶ রর हक [ र । कर 14 ० एन.सा.ह.आग.ा. के वरिष्ट पदाधिक्रारी --সী. जे.एस, राजपूत (14.7.1999 से) प्री. एके. शर्मा (30.6.1999 तक) प्रो, ए:एन, माहेश्वरी (8.11.1999 तक)प्रो, पी.के. भट्ठाचार्यप्रो, एस. ज्ेड, हैदर (33.2000 से). रो. एके, मिश्र (16.999 तक)श्रीमती सोनाली कुमार, आईएएस (24.11.1999 से) श्री बिमल जुल्का, आई.ए.एस.(23.11,1999 तक ) ।की सहायतार्थं तीन संकायाध्यक्ष है । रिपोर्ट की अवधि के | दौरान निम्नलिखित ने यह पद संभाला :परे. ए. एन. महेसवरी (8.11.1999 तक) । प्र. एके, मिश्रा (26.199 से) ` ` प्रो, अर्जुन देव (16.1999 त्क) डीन (समन्वय); प्रो. एम.्स, चापं। | डीन (अनुसंधान) | | डीन (अकादमिक)डीन (अकादमिक) एन.आई.ई. के विभागों के कार्य का समन्वय करते हैं, डीन (अनुसंधान) अनुसंधान कार्यक्रमों का समन्वय करते हैं और शैक्षिक अनुसंधान और नवाचार समिति (एरिक) के कार्य को देखते हैँ तथा डीन (समन्वय) विभागों, क्षेत्रीय कार्यालयों और क्षेत्रीय शिक्षा संस्थानों के सेवा/उत्पादन कार्यकलापों का समन्वय करते हैं।कार्यक्रमों का नियोजन और अनुवीक्षणएन.सी.ई.आर,टी, के घटक अपने कार्यक्रमों के निरूपण में अन्य बातों के साथ-साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एन.पीई.) के प्रावधानों और राज्यों की शैक्षिक आवश्यकताओं के लिए एन.सी.ई.आर,.टी. की अपेक्षित सहायता को ध्यान में रखते हैं। राज्यों की शैक्षिक आवश्यकताओं की पहचान मुख्य रूप से राज्य समन्वय समिति (एस.सी.सी.) की“| कार्यप्रणाली के माध्यम से की जाती है। यह समितिएन.सी.ई.आर,टी, के संकाय और राज्य शिक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच परस्पर अनुक्रिया के लिए एक मंच प्रदान करती है। इस समिति के अध्यक्ष शिक्षा सचिव होते हैं और सदस्य-संयोजक क्षेत्रीय शिक्षा संस्थानों (आर.आई ईज्ञ.) के प्राचार्य होते हैं।राज्यों कौ जिन शैक्षिक आवश्यकताओं की पहचान की जाती है उन पर आर.आई.ईज़, की प्रबंध समितियाँ (एम.सी.) विचार करती हैं। इनमें से अनेक शैक्षिक आवश्यकताओं को क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान अपने स्तर पर पूरा कर देते हैं। जिन शैक्षिक आवश्यकताओं के लिए एन.सी.ई.आर.री. के घटकों कौ सहायता अपेक्षित होती| है उन्हें संबंधित घटकों को आवश्यक कार्रवाई के लिएभेज दिया जाता है। एन.आई.ई. के विभागों के शैक्षिक कार्यक्रमों का संसाधन संबंधित विभागों की विभागीय सलाहकार समितियाँ (डी.ए.बी.) करती हैं और उसके बाद एन.आई.ई. की अकादमिक समिति (ए.सी.) उस पर विचार करती है। सी,आई.ई.टी. के कार्यक्रम शिक्षा प्रणाली के अनुसार मीडिया पर आधारित हैं। इसके कार्यक्रमों का संसाधन संस्थान का सलाहकार बोर्ड (आई.ए.बी.)1 करता है। पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षासंस्थान (पी.एस.एस.सी.आई.वी.ई.) के कार्यक्रमों का` ' | संसाधन उसके संस्थान का सलाहकार बोर्ड (आई.ए.बी.) 1 करता है। एन.सी.ई.आर.टी. के घटकों और अन्य संस्थानों/




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