सूरदास और नरसिंह महेता तुलनात्मक अध्ययन | Soordas Aur Narsingh Maheta Tulnatmak Adhyyan

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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विषयानुक्रमणिका[ अक पृष्ठसख्या के योतकं है |प्रथम अध्यायसर ओर नरसी का जीवन-वृत्त १११(क) सूर्‌ का जीवन-वृत्त ३, जन्म-काल ३, जन्म-स्थान ४, नाम-जाति ४, पारिवारिक जीवन ४, शिक्षा ५, सप्रदाय-प्रवेश ५, श्रष्टछाप की स्थापना ९, ग्रकवर से भेट ७, सूर-तुलसी-मिलन ७, सूर का गोलोकवास ও(ख) नरसी का जीवन-वृत्त ८, मामग्री-निणेय ८, श्रन्त साक्ष्य ठ, वहि साक्ष्य €, समय ११, जन्मस्थान, जाति एवे परिवार १५, विवाह १६, भाभी का उपालभ १६, नरसी के जीवन के अ्रद्भुत प्रसग १७, लारी १७, मामेरु १७, सामकऊदासनो विवाह १७, हुडी १८, हार १८, समद्रष्टा नरसी १८, उत्तरावस्था १६. मत्यु १६(ग) तुलना १६द्वितीय अ्रध्यायसूर एवं नरसी को कृतियों का सामान्य परिचय २३-५६ (के) मूर-साहित्य २५, सूरसागर २६ प्रथम स्कन्ध २७, दिितीय स्कन्ध २८, तृतीय स्कन्ध २८, चतुथं स्कन्ध २८, पचम स्कन्ध २८, पष्ठ स्कन्ध २६, सप्तम स्कन्ध २६, अष्टम स्कन्ध २६. नवम स्कन्ध २६, दशम स्कन्ध २९, दणम स्कन्ध (उत्तराध) ३०, एकादश स्कन्ध ३१, द्वादश स्कन्ध ३१, सूरमारावली ३१, सारावली की प्रामाणिकता ३१;वर्ण्य-विपय ३२, साहित्य-लहरी ३३, वण्यै-विपय ३३ (ख) नरसी-साहिव्य ३३, (श्र) म्रात्मचरित सवधी रचनाएँ ३६, द्यारी ३६, मामेर ३६, सामढदासनो विवाह ३७, हृडी ४०, हारसमेना पद श्रने हारमाछा ४०, हारसमेना पद ४१, हारमाका ४३, (ग्रा) ज्राख्यानात्मक कृत्तियां ४४, सुदामाचरित्न ४४, चातुरी ४६, दाणलीला ४८, राससहस्रपदी ४८, (5) कृष्णलीला परक पद ५०, श्रीकृष्णजन्म समाना पद ५०, श्रीकृष्ण वधाईना पद ५१, वाललीला ५१, हीडोछानापद, ५१, वसतना पद ५१, श्वगारमाछा ५२, (ई) भक्ति-ज्ञानना पदों ५२, (उ) अप्रामाणिक रचनाएँ ५३(ग) तुलना. ५४




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