आन्ध्र भागवत परिमल | Andhr Bhagavat Parimal
श्रेणी : साहित्य / Literature

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutVaranasi Ramamurthy
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
15 MB
कुल पष्ठ :
242
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about वारणासि राममूर्ति - Varanasi Ramamurthy
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)हि
समपंणभास्त-गरिमा का मेस-म्युद्ध !
হহাল-নলহহ का अमल भद्ध !
संस्कृति-सिय॒ की तरज्ज तुखझ्ध !
सहजीवन की अतुलित उमंग !हें सर्वपल्लि कुछ के सपूत !
है स्वश्वेत ! वर श्ञांति दूत !
समरसता-रथ का कुशल सूत !
भागवत - धर्म - जीवन्त पुत !श्रीराधाकृष्ण महापण्डित !
अनुपम वक्तृत्व-कला-मण्डित !
प्रतिभा बहुमुखी ! सुथी परिणत !
स्रष्टा वर ग्रन्थों के अगणित !भागवत - श्रेष्ठ श्री पोतराज !
आत्माभिमान का अठरू साज !
साहिती - सती - शज्भजार, ভাজ !
सत्कवि -गण का हृद्याधिराज !उनके कृति -सरसिज का सुबिमल,
ञआन्ध्र-मागवत का वर परिमल,
हिन्दी का धर परिधान अमल
प्रस्तुत ই तव सम्मुख ऊँमिल !पराप्तं करे यहु सात्विक-प्रसार,
फंला समदशंन क्षमा प्यार,
भौगवत-धमं का भव्य सार,
मानवता की अभिनव बहार !
विनीत्त,
वारणासि राममूति रेणु
User Reviews
No Reviews | Add Yours...