प्राचार्य कालक | Pracharya Kalak
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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3 MB
कुल पष्ठ :
130
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)प्राचार्य कालक (নল)
“आज्ञा हो, भगवन्
पूर् + ॐ
द भग
“पर याद रखना कि इस काल के बाद न तू कालक के
सम्मख जाना और न वदी सरस्वती को उसके सम्पृख जाने
১ ক नि
देना क्योकि मेरे परोक्ष में वहु अपनी सिद्धि का प्रयोग कर
सकता है । समभ गया न, भक्त 1“
“हाँ, भगवन् 1”
तो जा । मखलिपुत्र तेरी रक्षा करेगे ।*
“मे अनुगृहीत ह 1
2)
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