स्वास्थ्य सिद्धान्त [खण्ड ३] | Swasthya Siddhant [ Vol 3]

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Swasthya Siddhant [ Vol 3] by अज्ञात - Unknown

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about अज्ञात - Unknown

Add Infomation AboutUnknown

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
( १९ ) परस्या ८५) खष्म तन्वां श्रौर संधिरयो की स्यास्या करो झोर बताशों कि प्रकृति ने इन वस्तुओं को किस अभिप्राय से बनाया है ? (र) हमारे शरीर की कुल सूक्ष्म तन्तुएँ कितनी हैं, और इनका काम কা ই? 2) संधिर्यो की सहायता से तुम अपनी देह की शअस्थियों को कितने प्रकार से हिला इका सक्ते षो? (४) इड्डियों की संधियां कितने प्रकार की होती हैं १ प्रस्येक जोड़ी की यनावट ( आकृति ) की ल्याख्या करो। (२) छुर्री हृद्टियाँ शरीर के किख किस खंड में होती हैं ओर उनका काम क्‍या दे १ (६) हड्डियों को चिकनी रखने के लिए अक्ृति ने क्या प्रबन्ध किया है, ओर उससे क्या लाभ प्राप्त होता है ! (७) सूक्ष्म तन्‍्तुश्रों के विचार से संघधियों के कितने प्रकार हैं? अत्येक की व्याख्या करो और उदाहरण दो । (८) चत्र संधियों कितने प्रकार की होती हैं ? अस्पेक्र की व्याख्या करो और उदाहरण दो । (६) अपूर्ण च्न संधियों से चुम क्या समझते हो, ओर ऐसे जोड़ शरीर में कहों कहाँ पाए जाते हैं, ओर बनावट में कौन कौन सी विशेष बात पाई जाती है ?




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now