आदिकालीन हिन्दी रासो काव्य परम्परा में प्रतिविम्बित भारतीय संस्कृति | Aadikalin Hindi Raso Kaavy Parampara Mein Prativimbit Bhartiya Sanskriti

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
66 MB
कुल पष्ठ :
450
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)152धि उपलटल्धं सौ ग्रन्थौ को सस्या सद्प्राशिक है
॥ हल्य (६५५५०६५ हें ५४००६ लक ) केपरस्ताधिका रास, अलिका देवो रार ओर् अन्ताय रास । वस्तुतः माषा -
ध्या न्तर्गत रासे काव्य-परभ्परा का प्रारम्भ बारइवों शतों से जौर মং
कैलक अच्यह एहइमान को कि सदेशनासक ( समेह- रासय ) से माना जा सक्त
छ साकृल्यायन ने से ६०१० ६० की एचना मानकर, স্থিম্থ্া
का व्यन्बारा में स्रमाविष्ट किया है तथापि मुसिजिमविजय और दा हना
न्ता सिक तथ्यो ॐ जश्ार् पर् अधिक्
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