ग्रामीण नियोजन में स्थानीय संस्थाओं की भूमिका | graameen niyojan mein sthaaneey sansthaon kee bhoomika

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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कक 15 ~यह ती स्पष्ट ही है कि तभी यौजनार्थँ क्ती स्तर पर तैवार नहीं फी जा पैकती है । ভু योजनायें ऐेती भी है जो विक्षत कड জিলা एवं प्रादेशिक स्तर पर तैयार करने में अधिक सृथिधा रहेगी | ठेसौ योजनायै जौ क्त्री स्तर घा अन्य स्तरों पर तैयार की जानी चाहिए उनकौ इस प्रकार विभाजित जिता जा च्कता है ~শাদীতা स्तरीय योजनापें111. कृषि स्वं कृणि सम्वन्धी `121 सहकारिता जे सम्बन्धी |151 लू सिंचाड़ें तम्पन्धी[৮1 लघ एवं गह उद्यौग सम्वन्धी151 शिक्षा तमान्धी 1इन्दरमीडिएट तक; 161 स्वास्थ्य सम्वन्धी17 पेय ज्ल एवं जल निकास सम्बन्धी181 आवासीय एवं ग्राम्मेणा विरा सम्बन्धी 191 ग्रामीण तहूके सम्वन्धी10 मत्य पालन सम्बन्धौ 1111 पश्मूपालन तम्वन्धी11248 अन्य ग्रामीण শিকাত जम्बन्धी तुथिधारें ।[दिपषिक स्तरीय धोजनायों11६ নিতু121 .. बूहत एवं मध्यम विवादं योजनायै 134 . वहत उद्योग1५1 यातायात एतं तरार5६. अन्य |




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