ताप | Taap
श्रेणी : विज्ञान / Science

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
6 MB
कुल पष्ठ :
180
श्रेणी :
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प्रेमबल्लभ जोशी - PremBallabh Joshi
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विश्वम्भरनाथ श्रीवास्तव - Vishvmbharnath Srivastav
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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पद्ध ज्र फलना 9पकड़िए ओर नली के दूसरे सिरे को रंगीन पाती मे डवो
दीजिए घुडो पर से हाथ हटा लीजिए । पानी
नही मे चढ़ जायगा (चित्र १ में क )। फिर
यदि घुडो को हाथ से पकड़े! तो रगीन
पानी खुली नली मे ऊपर की ओर उठेगा। हाथ
हटा लेने से फिर नीचे उतरने छगेगा। कारण
है कि हाथ की गर्मी से घु डो को हवा फेछतो
ओर पानी को आगे ढकेचतों है। चस यद्ध हो गया कि गमं करन सेवचयु मी
लता है ।94 ह का5৮ পু
¬ 45डस तीनो प्रयोगो मे यदह লান লাল ভন :--रारसो पाकर स्मौ অনার ইবি ইত उनका
आयतन बढ़ जाता है ओर ठडक पाकर बट জালা ই अथवा
गरमी फेलातो और टठंडक सिकाडतों है ।यन्त्रकार लोग कारण जान वा न जाने परन्तु ऊपर कहे
नियम से बहुत ले काम छते है । आपसे देखा होगा किह्यि पर चढ्ान के लिए नाप मे उससे छछ छोटी हाल बना कर
दंड की प्मॉच मे लाल करते हैं | इस दशा से उसका घरा चএসি সিपाष्य के चबराचर हा जाता সায় মল হাক कर पाट्य पर हाज26 গে ্प्र ष्ट 1 च्छ्रम् ক ক1. ॥|
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