बूँद बूँद मौत | Boond Boond Maut

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Book Image : बूँद बूँद मौत  - Boond Boond Maut
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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दगा | 7“वुत्तों मत, जसा मैं सोच रहा हैं वैसा तुम भी सोच रहे हो। हम मुतररिमो वी एवं ही वौम होती हे और एवं ही परम होता है। भातव, हो-हला और लुटमार 17“लेकिन हमार-तुम्हार भर सोचने से षाम नही होगा । खाय लोग विना साथ देंगे ।“सब देंगे । वया इनके पास कुबेर का वोई खजाना दै जिसने भरोसे ये जिदा है । हमारा दिमाग और इनवी मशववत रंग ला सकती है ।”दोनो वे ঘাণিযী শা তনক্কী ओर देखा। चिलम वी वश और भी तेज हो गदर सवक नलो म पशुवत वहशीपन तैरने सगा । कादिर ओर्‌ रम्मू ने स्वका এঘনী योजना मे जगत्‌ वराया तो सव्ये सय एकसाथ खड़े होकर फितमी अंदाज भे हाथ उपर বন্দ নীল তই --/डन” | নিজাম एक्‌ वार भौर भरी मरह और अपनी ज्यत्ति में शामिल करन वाले वंपटाश्जेशन वादे तथेक से सयको व्रवार पण का गई 1 हर नादी चिलम पोता जावा था और “चोयर अप! बहकर नई पोरनां वे लिये निमितं जाति मे शामिन होने फागतय भी जुताताजाता था। रे नैः कशूरे दिन भुवह ही णहर्यं एक धोन म कादरिर के साथियों ने आवाज মাপা चानू कर दिया । वात्तावरण वनतं में देर नहीं लगती । सपरों गौर सजमो वालों के देश से दशवा की भीट इकटठा हांने मे कितना समय लगता है । चतुद्दिक ध्याप्त वातावरण आवाजा से गुजायमान हो गया---'वपरिस्तान की खुदी ग कंदर हिन्दुमो का अत्याचार है । कत्र जात-वूककर शक्ति क्षताने और दवाव डालने वे लिये खोदी गई ह । हम इरावा बदला लेना हे । शव इब दूठे हो ज दसनाम खतर से 31 आवायो ने एादू का वास विया। लोगा वे शुद्ध सरल मन घृणा और विद्वेद से सलिन हो गये । न चाहते हुये भी लोग उसे छुलजूस में जुट्ने लगे । दिशाहीत लोगा का वह बैलाव गली गौर बूचा पे गुजर-गुझर बर लोगो के दिए सम वेमनस्य वे बीज भंकुरित षले समां । कादिर बे साथी भीड से फेने हुये मनोयल को बना रहे ये । कुद लोग बीच-बीच मे पत्थर भा मारते जाते थ ।




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