जागते रहो सोने वालो | JAAGTE RAHO SONE VALO
श्रेणी : बाल पुस्तकें / Children

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutGORAKH PANDEY
Add Infomation AboutPustak Samuh
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
1 MB
कुल पष्ठ :
68
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखकों के बारे में अधिक जानकारी :
गोरख पाण्डेय - GORAKH PANDEY
No Information available about गोरख पाण्डेय - GORAKH PANDEY
पुस्तक समूह - Pustak Samuh
No Information available about पुस्तक समूह - Pustak Samuh
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)समकालीन
कहीं चीख़ उठी है अभी
कहीं नाच शुरू हुआ है अभी
कहीं बच्चा हुआ है अभी
कहीं फ्रौजें चल पड़ी हैं अभी ।
(1981)
28
ग्रांखें देखकर
ये आँखें हैं तुम्हारी
तकलीफ़ का उमड़ता हुआ समुंदर
इस दुनिया को
जितनी जल्दी हो
बदल देना चाहिए। क्
(1978)
29
User Reviews
No Reviews | Add Yours...